Angry Birds Success Story in Hindi | iPhone Game | Android Game | Rovio Entertainment

2009 में  रुबियो इंटरतेंमेंट बंद हो ने की कगार आ आ चुकी थी कंपनी ने स्टाप 50 से घटा कर 12 कर दिया था और कंपनी के बनाये कई गेमिंग एप्प फ्लॉप हो चुके थे फिर एक आखिरी कोशिश ने कंपनी को रातो रात बड़ा बना दिया | ये था Angry Birds दोस्तों आज इस पोस्ट में मैं आपको Angry Birds Success Story in Hindi | iPhone Game | Android Game | Rovio Entertainment  के sucuss स्टोरी आपसे शेयर करूंगा

Angry Birds Success Story

Angry Birds गेम सिर्फ 3 Days में इतना डाउनलोड किया गया की ये No 1 Downloading एप्प बन गया इससे पहले ये मोस्ट डाउनलोड एप्प में 6 No पर था 2003 में अमेरिका के सिंकी विश्व विद्यालय में Multi Player मोबाइल गेम बनाने की एक प्रतियोगिता जीती थी तब वो 29 साल के थे इसके बाद से ही वो एक गेमिंग कंपनी खोलने की तयारी कर रहे थे उन्होंने ये आईडिया अपने चचेरे भाई माइकल हेड के साथ शेयर किया और उन्होंने ज्यादा इन्तजार न करते हुए 2004 में reloud कंपनी बनाई ये कंपनी 2005 में रुबियो बनी और उनके भाई माइकल कंपनी के C_E_O के रूप में शामिल हुए

काम तो शुरू हुआ लेकिन शुरुआत में फंड्स की बहुत ज्यादा कमी थी फिर माइकल को उनके पिता से सहायता मिली और उसके बाद काम तो शुरू हुआ लेकिन माइकल के पिता कंपनी की दिशा से शाहमत नहीं थे माइकल के निजी जीवन में कुछ उथल पुथल मची हुई थी इसी लिए १ साल बाद माइकल ने कंपनी छोड़ दी इसके बाद कंपनी लगातार कमजोर पड़ती जा रही थी लेकिन निकोलस लगे रहे कंपनी यह तक की EA & Real Network जैसे कंपनी के लिए गेम बना रही थी पर फिर भी उनके हाथ को सफलता नहीं लग रही थी निकोलस के पास अपने कम्पनी के मार्केटिंग और distribution के लिए कोई भी प्लान नहीं था

2006 में कंपनी ख़तम होने की कगार पर पहुच चुकी थी कम खर्च करने के लिए निकोल स्टाप की संय्खा घटा कर 12 पर ला चुके थे फिमिलैंड में तब फिजिकल गेमिंग का दौर चल रहा था जिसमे असली दुनिया की ताकत होती थी कार्टून जैसे धमाके और गति पसंद नहीं की जाती थी ऑनलाइन गेम बहुत ज्यादा प्रसिद्ध हो रही थी लेकिन कोई सरल और सभी मोबाइल में चलने वाली गेम नहीं बना रहा था इसी दौरान स्टीफ़ जॉन ने IPHONE लांच किया था इधर निकोलस फिर से माइकल को कंपनी में ले आये थे दोनों ने मिलकर कंपनी को बचाने के लिए प्लान बनाया और वे लगातार बड़े डेव्लोपेर पर नजर रख रहे थे उनकी कंपनी में छोटा काम छोड़ कर बड़ी रिस्क लेने की कैपसिक्टी नहीं बची थी इसी लिए कंपनी अपनी निय्मयित काम करती जा रही थी दोनों बचा हुआ समय IPHONE के लिए मोबाइल गेम बनाने में दे रहे थे

माइकल ने इस प्रोजेक्ट के लिए 25K यूरो का बजट रखा था और आखिर में जब प्रोजेक्ट पूरा हुआ तो एंग्री बर्ड की लागत इससे 4 गुना हो गया रोफिये के चीप डिज़ानर जैकुल नये प्रोजेक्ट के लिए सकडो LOGO बना चुके थे आखिर 2009 में एक बर्ड बनाया जिसकी नाक पर गुस्सा सवार था इस पक्षी में कुछ खास था जो सबको चौका रहा था निकोलस ने जब पहली बार एंग्री बर्ड को देखा तो उन्हें देखने के बाद इच्छा हुआ की मुझे ये गेम खेलना है दिसम्बर 2009 की छुट्टियों में इन्होने ये गेम लांच किया पहले तीन महीनो में कुछ होता नजर नहीं आ रहा था लग रहा था की ये कंपनी का एक और फ्लॉप प्रोडक्ट है फिर FEB 2010 में अप्प्ल ने इसे अपने एप्प स्टोर के फ्रंट पेज पर रखा और देखते ही देखते एंग्री बर्ड दुनिया भर में छा गया इतना की इसे cortun mickey mouse के सामान प्रसिद्ध कहा जाने लगा इसके बाद रोबिये को 42$ की फंडिंग मिल गई और इसके बाद दोनों भाइयो ने इसका इस्तेमाल एक ब्रांड के रूप में बनाने के लिए किया आज की दिन कंपनी एंग्री बर्ड कई चीजे बेचती है …..||

उम्मीद है आपको ये पोस्ट पसंद आई होगी और इससे आप लोगो को काफी सारी जानकारी मिली होगी हमारे काम को सपोर्ट करने के लिए इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करिए और निच्चे  कमेन्ट करके हमें बताये की आपको ये पोस्ट कैसा लगा धन्यवाद….

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